करवा चौथ पर नहीं हुए चांद के दीदार l बारिश ने धोई चांद की चांदनी l महिलाओं में निराशा

करवा चौथ पर नहीं हुए चांद के दीदार l बारिश ने धोई चांद की चांदनी l महिलाओं में निराशा l
देहरादून
सुहाग, प्रेम, आस्था और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक करवा चौथ का पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया लेकिन बरसात के कारण इस बार रौनक नजर नहीं आई l बरसात के कारण सजी-धजी महिलाएं बहुत कम देखने को मिली l हालांकि करवा चौथ से पहले ब्यूटी पार्लर एवं मेहंदी स्टॉल पूरी तरह से पैक नजर आ आए l करवा चौथ पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखा । दिनभर उपवास रखने के बाद महिलाओं को सुबह से हो रही बरसात एवं बादलों के छाए रहने के कारण रात 9:30 बजे तक भी चंद्रमा के दर्शन नहीं हुए l महिलाओं ने अपने मन में चंद्र देव का ध्यान करके चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोला l करवा चौथ भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा-अर्चना करती हैं और करवा माता की कथा सुनती हैं। शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। कई स्थानों पर महिलाएं सामूहिक रूप से पूजा करती हैं और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देती हैं।
करवा चौथ केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि दांपत्य प्रेम, विश्वास और पारिवारिक एकजुटता का प्रतीक भी है। पर्व को लेकर बाजारों में भी रौनक रहती है और पूजा सामग्री, करवा, छलनी, मिठाइयों तथा श्रृंगार के सामान की खरीदारी की जाती है।




