उत्तराखण्ड

श्री राजनाथ सिंह और श्री योगी आदित्‍यनाथ ने लखनऊ छावनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की 14 विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन किया

*‘हर काम देश के नाम’*

 

*श्री राजनाथ सिंह और श्री योगी आदित्‍यनाथ ने लखनऊ छावनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की 14 विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन किया*

 

*ये परियोजनाएं जल आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल, स्वच्छता, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करेंगी*

 

*रक्षा मंत्री ने लगभग 4,000 लोगों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ सुनी*

 

*रक्षा मंत्री ने कहा- विकसित भारत का अर्थ है बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, हर घर में स्वच्छ पानी, युवाओं के लिए अवसर और समावेशी समाज*

 

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अगस्त, 2026 को उत्तर प्रदेश की लखनऊ छावनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इनमें राज्य सरकार के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही 2 परियोजनाएं भी शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र; बहुउपयोगी खेल परिसर; आधुनिक श्मशान घाट; 1500 किलोलीटर भूमिगत जलाशय; पुरानी/खराब हो चुकी जल आपूर्ति पाइपलाइन का प्रतिस्थापन; एससीएडीए स्वचालन के साथ 8 ट्यूबवेल का निर्माण; एससीएडीए के साथ ओवरहेड टैंक; लखनऊ छावनी में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय; आरए बाजार माध्यमिक विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाओं और शौचालय का निर्माण; रेनबो मॉडल स्कूल में अतिरिक्त कक्षाओं और शौचालय का निर्माण; बहुस्तरीय रोबोटिक कार पार्किंग और वाणिज्यिक परिसर; और विरासत अपशिष्ट-जैव-खनन और जैव-उपचार के लिए ये परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।

 

राज्य सरकार के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही दो परियोजनाएं हैं: आरए बाजार सिटी पॉलीक्लिनिक और मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग सेंटर। आज रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने भी लगभग 4,000 लोगों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना।

 

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि ये पहलें छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, खेल सुविधाओं, स्वच्छता, सफाई, जल आपूर्ति और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के व्यापक प्रयासों को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा, “लखनऊ छावनी का विकास लखनऊ की प्रगति से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से विकास और सुशासन को गति मिल सकती है।”

 

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत का अर्थ केवल भव्य परियोजनाएं और आधुनिक इमारतें ही नहीं है, बल्कि इसका अर्थ यह भी है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, हर घर में स्वच्छ जल पहुंचे, युवाओं को खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिलें और कोई भी दिव्यांग बच्चा समाज से अलग-थलग महसूस न करे। उन्होंने इस बात को दोहराया कि सरकार विकास के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में प्रत्यक्ष सुधार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

लखनऊ छावनी में कई बाजारों के नाम बदले जाने की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ब्रिटिश काल से जुड़े नामों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय जीवन की प्रमुख हस्तियों के नामों से बदल दिया गया है। रॉयल आर्टिलरी बाजार का नाम बदलकर एकता बाजार, ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नाम उदा देवी बाजार, ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम बदलकर मातादिन वाल्मीकि बाजार और एक अन्य ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम बदलकर मंगल पांडे बाजार कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर, कनेडी बाजार का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी बाजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को भारत की विरासत से जोड़ना और राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करना है।

 

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री श्री ब्रजेश पाठक, उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री श्री असीम अरुण; केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता; राज्यसभा सांसद श्री दिनेश शर्मा; लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खरवाल; रक्षा संपदा की महानिदेशक श्रीमती शोभा गुप्ता; एचएएल के सीएमडी श्री रवि के; बीईएल के सीएमडी श्री मनोज जैन; और रक्षा बलों, केंद्र और राज्य सरकारों तथा लखनऊ छावनी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

 

 

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