उत्तराखण्ड

प्रेमनगर वार्ड-1: भाजपा ने दिया कर्मठता को सम्मान , दीपक शर्मा निष्ठावान कार्यकर्ता बना शक्ति केंद्र संयोजक

*प्रेमनगर वार्ड-1: भाजपा ने दिया कर्मठता को सम्मान , दीपक शर्मा निष्ठावान कार्यकर्ता बना शक्ति केंद्र संयोजक*

 

*देहरादून

प्रेम नगर….वार्ड नं 1 प्रेमनगर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की बैठक में संगठन ने एक मिसाल पेश की। पूर्व बूथ अध्यक्ष, कर्मठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ता को *शक्ति केंद्र संयोजक* की जिम्मेदारी सौंपकर सम्मानित किया गया।

*1. योग्यता का सम्मान — संगठन की असली पूंजी*

भाजपा अक्सर कहती है — “कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ है”। आज प्रेमनगर की बैठक ने इसे करके दिखाया। बूथ स्तर पर दिन-रात एक करने वाले, झंडा लगाने से लेकर वोटर लिस्ट संभालने तक, हर काम निःस्वार्थ करने वाले साथी को जब मंच पर बुलाकर दायित्व दिया गया, तो कार्यकर्ताओं में जोश दोगुना हो गया।

*2. कार्यकर्ता मांगता नहीं, देता है*

सच है — सच्चा कार्यकर्ता पार्टी से पद, पैसा, ठेका कुछ नहीं मांगता। वो मांगता है तो सिर्फ *सम्मान और भरोसा*। आज जब पूर्व बूथ अध्यक्ष का नाम शक्ति केंद्र संयोजक के लिए घोषित हुआ, तो तालियों की गड़गड़ाहट बता रही थी कि संगठन ने सही व्यक्ति चुना है। ये संदेश गया — मेहनत करोगे तो पार्टी देखेगी, देर भले हो पर अंधेर नहीं।

 

 

 

*3. शक्ति केंद्र क्यों जरूरी है?*

शक्ति केंद्र यानी 5-6 बूथों का क्लस्टर। लोकसभा-विधानसभा चुनाव की असली लड़ाई यहीं लड़ी जाती है। पन्ना प्रमुख से लेकर लाभार्थी संपर्क तक, सबकी मॉनिटरिंग शक्ति केंद्र संयोजक करता है। ऐसे में जमीन से जुड़ा, पुराना और विश्वसनीय चेहरा मिलना पार्टी के लिए संजीवनी है।

 

*4. आगे की राह*

नवनियुक्त संयोजक के सामने चुनौती बड़ी है — 2027 का विधानसभा चुनाव, नगर निकाय में वार्ड जिताना, केंद्र की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना। पर जिस तरह इन्होंने बूथ अध्यक्ष रहते एक-एक घर तक कमल पहुंचाया, भरोसा है शक्ति केंद्र को भी मजबूत करेंगे।

 

*अर्जुन कोहली की टिप्पणी:*

मैं शिक्षक रहा हूँ। क्लास में मॉनिटर उसी को बनाता था जो बिना बोले ब्लैकबोर्ड साफ कर दे, छुट्टी में भी कॉपी जांच दे। पार्टी ने भी वही किया। *पद उसी को दो जो पद मांगे नहीं, काम मांगे*।

 

जब कार्यकर्ता का सम्मान होता है तो संगठन बोलता है — “तू फिक्र मत कर, मैं तेरे साथ हूँ”। और जब संगठन साथ हो तो कोई चुनाव मुश्किल नहीं।

 

प्रेमनगर की ये बैठक बाकी वार्डों के लिए भी संदेश है — *कर्म बोलता है, चापलूसी नहीं*। योग्यता पनपेगी तो भाजपा बढ़ेगी।

 

*नवनियुक्त शक्ति केंद्र संयोजक को बधाई एवं शुभकामनाएं।*

 

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