उत्तराखण्ड

भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से कैडेट हरमनमीत सिंह रीन के पासिंग आउट के साथ उनके परिवार की चार पीढ़ियों से चली आ रही साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा को एक नया आयाम मिला।

*‘हर काम देश के नाम’*

 

*परिवार के लिए गर्व का क्षण*

 

*सेना और मातृभूमि के प्रति सेवा की चार पीढ़ियों की सशक्त परंपरा*

 

*कैडेट हरमनमीत सिंह रीन अधिकारी के रूप में हुए कमीशन*

 

देहरादून

भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से कैडेट हरमनमीत सिंह रीन के पासिंग आउट के साथ उनके परिवार की चार पीढ़ियों से चली आ रही साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा को एक नया आयाम मिला।

 

सीटीडब्ल्यू एमसीटीई में सिल्वर मेडल प्राप्त करने वाले चौथी पीढ़ी के अधिकारी हरमनमीत सिंह रीन ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित बायोनेट पिन एवं सिक्स स्टार टॉर्च अर्जित की। खेलकूद में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें स्क्वैश में हाफ ब्लू तथा टेनिस में मेरिट कार्ड शामिल हैं, जो उनके सर्वांगीण विकास, दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुकरणीय अनुशासन को दर्शाता है।

वे अपने पिता, सेवारत अधिकारी कर्नल हरमीत सिंह के पदचिन्हों पर चलते हुए सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले परिवार की तीसरी पीढ़ी बने हैं। उनकी माता श्रीमती हरवीन रीन, 26 वर्षों के अनुभव वाली समर्पित शिक्षाविद् हैं, जिनका मार्गदर्शन और प्रेरणा उनके जीवन में सदैव महत्वपूर्ण रही है।

 

कमीशनिंग के अवसर पर लेफ्टिनेंट हरमनमीत सिंह रीन ने कहा,

“यह मेरे और मेरे परिवार के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। मुझे देशसेवा की इस पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।”

 

यह समारोह परिवार के लिए विशेष गौरव का अवसर रहा, जिसने वर्षों से राष्ट्रसेवा को अपना ध्येय बनाया है। लेफ्टिनेंट हरमनमीत सिंह रीन के उज्ज्वल, सम्मानित और सफल सैन्य करियर के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ। आशा है कि उनकी सेवा सदैव साहस, निष्ठा और उत्कृष्टता से परिपूर्ण रहेगी।

 

 

 

 

 

 

 

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